सोमवार, 7 सितंबर 2020

नमक का दारोगा (मुंशी प्रेमचंद) शब्द-परिचय

 


प्रश्नों के उत्तर लिखते समय विद्यार्थी प्राय: वर्तनी-दोष किया करते हैं और शब्दों के गलत रूप को लिखते हैं। इससे परीक्षा में भी उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है और कम अंक भी प्राप्त होते हैं। यहां प्रत्येक पाठ से उन शब्दों की सूची दी जा रही है जिनका प्रयोग उत्तर लिखते समय अक्सर किया जाता है। इन शब्दों को बार-बार अभ्यास करने से वर्तनी-दोष से बचा जा सकता है तथा अशुद्धियों के बिना एक अच्छा एवं प्रभावी उत्तर लिखा जा सकता है।



विभाग

ईश्वर-प्रदत्त

वस्तु 

व्यवहार 

निषेध 

चोरी-छिपे 

व्यापार 

छल-प्रपंचों 

सूत्रपात

अधिकारियों

पटवारीगिरी

सर्वसम्मानित

ईसाई मत

प्राबल्य

सर्वोच्च पदों पर

नियुक्त

मुंशी वंशीधर

समाप्त 

आविष्कार 

महत्त्व 

अनुभवी 

पुरुष 

दुर्दशा 

लड़कियां 

घास-फूस 

मालूम 

मालिक 

नौकरी 

ओहदे

ध्यान 

निगाह 

रखनी चाहिए 

ढूंढना 

कुछ ऊपरी आय 

मासिक वेतन 

पूर्णमासी का चांद 

दिखाई देता है 

लुप्त हो जाता है 

प्यास 

मनुष्य 

वृद्धि 

आमदनी 

स्वयं 

विद्वान 

तुम्हें 

समझाऊं 

आवश्यकता 

उचित 

लेकिन 

कठिन 

जन्मभर 

कमाई 

उपदेश 

पिताजी 

आशीर्वाद 

आज्ञाकारी 

विस्तृत 

संसार में 

उनके लिए 

धैर्य 

मित्र 

बुद्धि 

पथ-प्रदर्शक 

आत्मावलंबन 

प्रतिष्ठित 

सुख-संवाद 

पड़ोसियों

सिपाही 

चौकीदार 

महीनों से 

उन्होंने 

कार्यकुशलता 

मोहित 

बहुत विश्वास 

प्रवाह 

गाड़ियों की कोलाहल 

सुनाई दिया 

अवश्य 

भ्रम को पुष्ट किया

डांटकर पूछा

थोड़ी देर

सन्नाटा

काना-फूसी

पंडित अलोपीदीन

ज़मींदार

शिकार

सदाव्रत

पूछते हैं

कोई उत्तर न मिला

गाड़ीवानों ने

लक्ष्मीजी

अखंड विश्वास

यथार्थ

न्याय और नीति

निश्चिंतता

सरकारी हुक्म

व्यर्थ का कष्ट

ईमानदारी

नई उमंग

हिरासत

अनुसार

स्वाभिमान

मालूम हुआ

धन ऐश्वर्य

बाबू साहब

सच्चे मार्ग

बुद्धिहीन

दृढ़ता

देव-दुर्लभ त्याग

झुंझलाया

आक्रमण 

बहुसंख्यक 

अलौकिक 

अविचलित 

निराश

गालियां 

अत्यंत 

दीनता से 

दया कीजिए

हथकड़ियां

मूर्छित

टीका टिप्पणी

चौकीदार 

गुलाम

गरदन झुकाए

प्रत्येक मनुष्य

सहानुभूति 

अतिरिक्त 

चुपचाप 

पक्षपात

दुस्साहस

भलेमानुष 

विचारहीनता

व्यंग्यबाणों की वर्षा

कटुवाक्य

झुक-झुककर

प्रज्वलित

मुकदमे

विचित्र अनुभव

उपाधियां

मूल्य चुकाना

अनिवार्य

कठिनता

वृद्धा माता

निस्संतान

वात्सल्यपूर्ण

धर्मपरायण मनुष्य 

खुशामद ना समझिए

क्षमा 

प्रार्थना

दृष्टि 

सिर-माथे 

स्वीकार 

योग्य 

हस्ताक्षर

कृतज्ञता 

अतिरिक्त प्रशंसा 

वार्षिक वेतन 

सामर्थ्य 

उच्च पद 

कीर्तिवान सज्जन

अनुभवी मनुष्य

कार्यकुशलता

लीजिए 

कीजिए 

दीजिए 

परंतु 

धर्मनिष्ठ

संकुचित 

प्रफुल्लित 

श्रद्धा की दृष्टि




रविवार, 6 सितंबर 2020

बाज़ार दर्शन (जैनेंद्र कुमार) शब्द-परिचय


प्रश्नों के उत्तर लिखते समय विद्यार्थी प्राय: वर्तनी-दोष किया करते हैं और शब्दों के गलत रूप को लिखते हैं। इससे परीक्षा में भी उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है और कम अंक भी प्राप्त होते हैं। यहां प्रत्येक पाठ से उन शब्दों की सूची दी जा रही है जिनका प्रयोग उत्तर लिखते समय अक्सर किया जाता है। इन शब्दों को बार-बार अभ्यास करने से वर्तनी-दोष से बचा जा सकता है तथा अशुद्धियों के बिना एक अच्छा एवं प्रभावी उत्तर लिखा जा सकता है।


मामूली चीज़

आशय

पत्नी की महिमा

आदिकाल

इस विषय में

प्रमुखता

प्रमाणित

व्यक्तित्व का प्रश्न

स्त्रीत्व

मनीबैग

अर्थात

पैसे की गरमी

बैंक-हिसाब

पर्चेज़िंग पावर

संयमी

फ़िजूल

बुद्धिमान

संयमपूर्वक

निश्चय

परीक्षा

अनुपात

सिलसिले में

आमंत्रित

आग्रह

तिरस्कार

आमंत्रण

असंतोष

तृष्णा

ईर्ष्या

परिमित

अतुलित

रूप का जादू

निमंत्रण

मालूम होता है

बहुतायत

स्वाभिमान

अभिमान

स्पर्श

मुलायम

बिलकुल

बल्कि

कृतार्थ

आवश्यकता

ज़रूरी

शून्य

अधिकार

परमात्मा

संपूर्ण

अपूर्ण

इच्छाओं का निरोध

नकारात्मक

कोशिश

व्यापक

विद्वान

संकीर्ण

क्षुद्र

महाशून्य

स्वीकृति

महानुभाव

चूरन

लोकप्रिय

व्यवसाय

खुशहाल

मालामाल

व्यापारियों

उत्सुक

सद्भावना

भगतजी

लापरवाही

निश्चय

मालूम होता है

बाज़ार का जादू

बैठिएगा

सोचिएगा

समझिएगा

पंक्तियों को

हिम्मत

सदस्य

स्वीकार

कुंठित

व्यंग्य-शक्ति

विडंबना

वंचित

पूछिए

मोटरवालों

कृतघ्न

लोकवैभव

तीखे व्यंग्य

क्रूरता

फलता-फूलता

आत्मिक 

धार्मिक 

नैतिक

प्रतिपादन 

स्पृहा 

संचय की तृष्णा

वैभव की चाह

व्यक्ति की निर्बलता

अभिवादन

व्यवहार

बिद्रोह 

प्रसन्नता

हठपूर्वक 

विमुखता

चौक-बाज़ार

उपयोगी

चाहिए

निश्चित

सार्थकता

विनाशक

बाज़ारूपन

आदान-प्रदान

पोषण

शास्त्र

अनीति



भक्तिन (महादेवी वर्मा) शब्द-परिचय

 

प्रश्नों के उत्तर लिखते समय विद्यार्थी प्राय: वर्तनी-दोष किया करते हैं और शब्दों के गलत रूप को लिखते हैं। इससे परीक्षा में भी उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है और कम अंक भी प्राप्त होते हैं। यहां प्रत्येक पाठ से उन शब्दों की सूची दी जा रही है जिनका प्रयोग उत्तर लिखते समय अक्सर किया जाता है। इन शब्दों को बार-बार अभ्यास करने से वर्तनी-दोष से बचा जा सकता है तथा अशुद्धियों के बिना एक अच्छा एवं प्रभावी उत्तर लिखा जा सकता है।


भक्तिन

दुबले शरीर वाली 

दृढ़ संकल्प 

विचित्र 

समझदारी 

उपस्थित हुई थी 

बीत चुका है 

कोई जिज्ञासु 

संबंध में 

पुतलियों 

गिराकर 

चिंतन की मुद्रा 

ऊपर 

विश्वास 

आयु

संभवतः

कुछ वर्ष

पहुंचा देगी

असंभव

सेवक-धर्म

हनुमान

स्पर्द्धा

अनामधन्या

गोपालिका

लछमिन अर्थात लक्ष्मी

विशालता

समृद्धि

कुंचित रेखाओं में

विरोधाभास

समृद्धि-सूचक नाम

ईमानदारी

परिचय

शेष इतिवृत्त

प्रार्थना

प्रतिभा

तथ्य

ऊपर

देहातिन

कंठी माला

नामकरण

स्वभाव 

पूर्णतः

अंशत:

कठिन 

ऐतिहासिक

एकलौती बेटी

पुत्रवधू

ईर्ष्यालु

मृत्यु

सूचना

सतर्क

रोने-पीटने

अपशकुन

अप्रत्याशित अनुग्रह

पहुंचते ही

स्पष्ट

सहानुभूतिपूर्ण

विमाता

व्यवहार

शिष्टाचार

ससुराल

उपेक्षा

अपेक्षा

जिठानियों ने

विराजमान 

उम्मीदवार 

आवश्यक 

बैठकर 

लड़कियां 

अनुसार

अतिरिक्त 

परिश्रमी 

तेजस्विनी 

पति-पत्नी 

प्रति 

सच्ची 

क्योंकि 

अंगूठा 

इसलिए 

खेत-खलिहान 

बढ़ा-चढ़ा 

असंतोष की मुद्रा 

भीतर से पुलकित 

दंपत्ति 

निरंतर प्रयास 

स्वाभाविक 

धूम-धाम 

गृहस्थी

अवस्था 

विदा ली 

परमात्मा 

समर्पित 

अतिरिक्त 

भविष्य 

घोषणा 

घर-जमाई 

पहुंचाया 

सुरक्षित 

संपत्ति 

आरंभ 

दुर्भाग्य 

विधवा 

परास्त 

जिठौतों 

नापसंद 

समझदार 

सुविधाजनक 

भाइयों के लिए 

जहां-का-तहां 

मां-बेटी 

समर्थक 

किसी-न-किसी

अनुभव 

पुस्तक 

निश्चित 

प्रसन्नता 

स्थापित 

नुक्ताचीनी 

मुसकुराहट

मौखिक 

प्रमाण-पत्र 

विरक्ति 

अरुचि 

व्यवस्था 

चिंता 

निवारण 

सुविधाएं 

देहाती वृद्धा 

स्वास्थ्य 

स्वभाव 

अनुसार 

परिवर्तन 

दूसरों को 

कल्पना 

स्वादिष्ट 

कंठस्थ 

पुकारने 

शिष्टाचार 

दुर्गुणों का अभाव 

कठिन होगा 

सत्यवादी हरिश्चंद्र 

पैसे-रुपए 

भंडार-घर 

शास्त्रार्थ 

चुनौती 

संभालकर 

परम कर्तव्य 

इधर-उधर 

शास्त्र का प्रश्न 

सुलझा लेती है 

स्त्रियों का सिर घुटाना 

रहस्यमय 

यथाविधि 

निष्फल 

मूर्ख 

महत्त्व 

असत्य 

पढ़ाई-लिखाई 

अभिमान 

हस्ताक्षर 

क्योंकि 

मुसीबत उठाई 

बैठकर 

घूम-घूमकर 

अंगूठा 

निशानी

तर्क-हीनता 

अपने-आपको 

मालकिन 

अतिशयोक्ति 

बुद्धिमान 

प्रकाशित 

स्वाभाविक 

सहायता 

छात्रावास 

निस्तब्धता 

गोधूलि 

धुंधली 

समझाने-बुझाने 

प्रस्ताव 

अवकाश 

उद्घाटन 

परिणाम 

अनुराग 

परित्याग 

प्रख्यात 

सेवक-स्वामी 

इच्छा 

अवज्ञा 

नौकर 

आदेश 

अस्तित्व 

सार्थकता 

सुख-दुख 

स्वतंत्र व्यक्तित्व 

परिचय के लिए 

परिस्थितियों के कारण 

परिवार 

उत्पन्न 

सहानुभूति 

मार्मिकता 

यथास्थान 

समझौता 

सहज बुद्धि 

आकार-प्रकार 

वेशभूषा 

विद्यार्थी 

असुविधा 

अधिकार 

आश्वासन 

मूल्य 

लज्जित 

कल्पना 

संभावना 

अन्याय 

अधूरी




तुलसीदास (कवितावली एवं रामचरितमानस) कक्षा- 12वीं

  तुलसीदास: अध्ययन मार्गदर्शिका लघु-उत्तरीय प्रश्नोत्तरी तुलसीदास ने शास्त्रीय और लोकभाषा के बीच संतुलन कैसे साधा? उनकी रचनाओं में यह द्वंद्...